नए और पुराने आयोग के फेर में उलझी शिक्षक भर्ती

 नए और पुराने आयोग के फेर में उलझी शिक्षक भर्ती


प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर और अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) / प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती नए एवं पुराने आयोग के बीच उलझी हुई है। दोनों ही भर्तियों के लिए अगस्त में आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अभ्यर्थियों को परीक्षा तिथि घोषित होने का इंतजार है।


प्रदेश सरकार ने नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन का प्रस्ताव मांग लिया है। ऐसे में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है कि जिन भर्तियों के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं, उनका क्या होगा। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की ओर से विज्ञापन संख्या - 51 के तहत 34 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगस्त 2022 में पूरी की जा चुकी है।

छह फरवरी 2023 को आयोग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा और दो अन्य सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा होने जा रहा है। चर्चा है कि अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन से पहले यूपीएचईएससी ही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पूरी कराएगा। सूत्रों का कहना है कि आयोग ने अपने स्तर से परीक्षा कराने की तैयारी कर ली है। अब सरकार से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है।


वहीं, अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी / पीजीटी के 5418 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन परीक्षा तिथि घोषित नहीं की गई। प्र चयन बोर्ड में सदस्यों के सभी पद खाली हैं और अध्यक्ष का कार्यकाल आठ अप्रैल को पूरा हो जाएगा। नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है। इस बीच नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन की घोषणा भी की जा चुकी है। भर्ती अब चयन बोर्ड और नए आयोग के बीच लटकी हुई है।


प्रतियोगी छात्र मोर्चा के बैनर तले अभ्यर्थी नौ दिनों से चयन बोर्ड के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं, लेकिन अध्यक्ष उनसे मिलने के लिए तैयार नहीं है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि पदों की संख्या बढ़ाने के लिए पोर्टल खोला जाए और परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी। चयन बोर्ड की ओर से स्थिति स्पष्ट न किए जाने से


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